स्तनपान , स्तनपान के फायदे , और गलत धारणाएं ,ब्रेस्ट फीडिंग टिप्स

स्तनपान जरूरी होता है मां और बच्चे दोनों के लिए

जब भी किसी महिला के डिलीवरी होती है तो उसके बाद उसे अपने बच्चे की केयर करना , और उसके खान पान से जुड़े हुए चीजों की चिंता होने लग जाती है मां को अपने बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अपने बच्चे को अपना ही दूध पिलाना चाहिए मां का दूध बच्चे के लिए एक अमृत के समान होता है मां के दूध में सभी प्रकार के पोषक तत्व होते हैं जो बच्चे को स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं
डॉक्टर्स की मानें तो मां को अपने बच्चे को कम से कम 6 महीने तक अपना ही दूध पिलाना चाहिए उसे उस पर से कुछ भी नहीं देना चाहिए मां का दूध बच्चे को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है मां के दूध में सभी प्रकार के पोषक होते हैं जन्म के आधे घंटे बाद ही  मां को अपना दूध बच्चे को पिला देना चाहिए परन्तु कुछ माए जो  कि बच्चे को पहली बार जन्म दिया होता उन्हें इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं होती इसलिए आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि स्तनपान होता क्या है और यह बच्चे और मां दोनों के लिए क्यों जरूरी है

स्तनपान क्या है what is breast feeding in hindi

जब कोई महिला अपने स्तनों (ब्रेस्ट) में भरा हुआ दूध यानी कि बिना किसी मिलावट के बना हुआ दूध अपने बच्चे को पिलाती है  उसे स्तनपान कहा जाता है यह दूध प्रेगनेंसी के दौरान ही बनना शुरू हो जाता है और डिलीवरी के बाद जब बच्चा दूध पीता है तब निकलना शुरू होता है 
 

स्तनपान क्यों जरूरी है ,स्तनपान के फायदे benefit of breast feeding

बच्चे के लिए स्तनपान के फायदे

  1. स्तनपान बच्चे को सभी प्रकार के पोषक तत्व प्रदान करता है इसमें सभी प्रकार के मिनिरल्स होते हैं जो कि बच्चे के लिए बहुत ही जरूरी होते हैं
  1. मां का दूध हमेशा बच्चे के लिए साफ ओर सुथरा होता है
  2. मां का दूध बच्चे को अनेक बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है
  3. मां का दूध प्रतिरोधक होता है जोकि किसी भी संक्रमण से बच्चे को बचाता है
  4. डिलीवरी के बाद पहला पीला गाढ़ा दूध जिसमें अनेक प्रकार के पोस्टिक तत्व होते हैं उस दूध को बच्चे का पहला टीकाकरण भी कहा जाता है  इस दूध को बच्चे को जरूर पिलाना चाहिए
  5. स्तनपान का दूध बिल्कुल प्राकृतिक होता है इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है
  6. मां के दूध को बच्चे को कभी भी पिलाया जा सकता है इसमें पहले से किसी भी प्रकार की तैयारी करने की आवश्यकता नहीं होती है
  7. जब मां अपने बच्चे को अपने स्तनों का दूध पिलाती है तो इससे मां और भी बच्चे के बीच में एक बॉन्डिंग बनती है जो कि बच्चे के विकास के लिए आवश्यक है
  8. मां के दूध पीने से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास अधिक तेजी से होता है
  9. मां का दूध बच्चे के लिए एक सुपाच्य होता है इसलिए बच्चा इसे आसानी से पचा लेता है
  10. मां के दूध को किसी भी समय पिलाया जा सकता है इसे खरीदने की जरूरत नहीं होती है
  11. मां का दूध बच्चे को कुपोषण से बचाता है मां के दूध में एंटीबायोटिक होता है जो कि बच्चे को निमोनिया डायरिया अपच जैसी समस्याओं से बचाता है जन्म के बाद बच्चे को आधे घंटे के अंदर दूध पिलाना चाहिए जन्म के बाद निकलने वाला पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलोस्ट्रम कहते हैं इसमें एंटीबायोटिक तत्व होते हैं यह बच्चे के लिए पहले टीकाकरण के रूप में काम करता है
  12. इंसान के दौरान मारपीट हुआ था स्तनपान के दौरान मां की त्वचा का शिशु की त्वचा के साथ संपर्क होने से शिशु का तापमान बना रहता है है
  13. मां का दूध शिशु के वजन को बढ़ाने में सहायक होता है
  14. मां का दूध पीने से बच्चे में कब्ज जैसी समस्या नहीं होती है क्योंकि बच्चे को 6 महीने तक मां का दूध ही पिलाना होता है उसके अलावा कुछ भी नहीं पिलाना चाहिए

मां के लिए स्तनपान के फायदे benefit of breast feeding for mother in Hindi

ब्लीडिंग को रोकने में होता है मददगार 

जब मां अपने बच्चे को स्तनपान करवाती है  तो उससे बच्चे को भी नहीं मां को भी इससे बहुत फायदे होते हैं कहा जाता है कि डिलीवरी के बाद होने वाली बिल्डिंग स्तनपान को रेगुलर करवाने से कम हो जाती है डिलीवरी के बाद बहुत से मौत खून की अधिक श्रत्री  होने  से होती है यदि  प्रसव के तुरंत बाद महिला बच्चे को स्तनपान करवाए तो ऑक्सीटोसिन नामक हारमोंस रिलीज होता है जो की बिल्डिंग को कम करने में मदद करता है 

 पेट के दर्द को करता है कम

जब मां अपने बच्चे को रेगुलर स्तनपान करवाती है तो  इससे पेट में होने वाला डिलीवरी के बाद दर्द कम हो जाता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मां का भावात्मक प्यार  बच्चे के साथ बड़ जाता है मां को दर्द महसूस नहीं होता है
 
गर्भाशय के बड़े हुए आकार को कम करने में सहायक होता है
 
कहा जाता है कि स्तनपान कराने से महिला मैं भविष्य में होने कैंसर का खतरा कम हो जाता है जैसे कि गर्भाशय का कैंसर या स्तनों का कैंसर आदि
 
स्तनपान मां का डिलीवरी के बाद   बढ़ने वाले  वजन को कम करता है
 
स्तनपान एक गर्भनिरोधक के रूप में भी काम करता हैं डिलीवरी के बाद स्तनपान करवाने से शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन रिलीज होता है जिसके कारण गर्भधारण नहीं होता है इसलिए कम से कम बच्चे को 6 महीने तक मां का दूध पिलाना चाहिए

स्तनपान के लिए लोगों की गलत धारणाएं

स्तनपान के लिए लोगों की बहुत सारी गलत धारणाएं होती हैं ऐसा इसलिए होता है कि पुराने समय में लोगों में ऐसी गलत धारणाएं होती थी वह डॉक्टर के पास ना जाकर घर में डिलीवरी करवाना अच्छा मानते थे इसलिए उन्हें किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं होती थी इसलिए उनके मन में गलत धारणा होती थी
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